पाकिस्तानी ड्रोन से फिरोज़पुर में कहर, घर में गिरा मलबा – आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्य झुलसे

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पाकिस्तानी ड्रोन से फिरोज़पुर में कहर, घर में गिरा मलबा – आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्य झुलसे

फिरोज़पुर, 9 मई 2025:
सीमा पार से लगातार हो रही ड्रोन गतिविधियों के बीच शुक्रवार की रात पंजाब के फिरोज़पुर जिले के खाई फेमे गांव में एक बड़ा हादसा हो गया। एक पाकिस्तानी ड्रोन का हिस्सा गांव के एक घर पर आ गिरा, जिससे तेज धमाके के साथ आग लग गई। इस भीषण आगजनी में घर में मौजूद तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए।


गांव में मची अफरातफरी, परिवार के सदस्य गंभीर रूप से घायल
जिस घर पर ड्रोन का मलबा गिरा, वह लखविंदर सिंह का था। हादसे में लखविंदर सिंह, उनकी पत्नी सुखविंदर कौर और भाई मोनू सिंह बुरी तरह जल गए। तीनों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां लखविंदर की हालत नाजुक बनी हुई है। यह हादसा इतना भयावह था कि पूरे गांव में अफरातफरी मच गई।


ड्रोन हमलों की श्रृंखला, देश के कई हिस्सों में निशाना
यह हमला पाकिस्तान द्वारा भारत के सीमावर्ती इलाकों पर एक साथ किए गए ड्रोन हमलों की कड़ी में शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने एक ही रात में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में कुल 26 जगहों को ड्रोन से निशाना बनाया। इस क्रम में फिरोज़पुर भी टारगेट में शामिल था।


भारतीय वायु रक्षा प्रणाली सतर्क, दो ड्रोन मार गिराए गए
भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने सक्रियता दिखाते हुए चार में से दो ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। हालांकि दो ड्रोन बच निकले और इनमें से एक का मलबा खाई फेमे गांव में गिरा, जिससे यह हादसा हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के घरों की खिड़कियां भी हिल गईं।


पुलिस और सेना ने संभाली स्थिति, हाई अलर्ट जारी
फिरोज़पुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भूपिंदर सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और कहा कि यह हमला बेहद गंभीर है। सेना, बीएसएफ और पुलिस की संयुक्त टीमें गांव में पहुंच चुकी हैं और क्षेत्र को घेर लिया गया है। पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और ड्रोन मूवमेंट पर निगरानी बढ़ा दी गई है।


भारत की सीमा पर नया खतरा: नागरिक बन रहे हैं निशाना
यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब पाकिस्तान की ड्रोन रणनीति महज हथियार तस्करी तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब सीधे आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे भारत की सीमा सुरक्षा पर एक नई चुनौती खड़ी हो गई है, जिसका जवाब देना सुरक्षा एजेंसियों के लिए प्राथमिकता बन चुका है।


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