बिंदुखत्ता में राजस्व गांव की अधिसूचना को लेकर जनांदोलन ने तेज रफ्तार पकड़ी, 18 फरवरी को होगी विशाल महारैली एवं धरना

Spread the love



विधायक के बयानों पर सवाल, 8 फरवरी को जन पंचायत में बुलाने का फैसला; वन अधिकार समिति ने दिया सरकार को अंतिम मौका

हल्द्वानी (विशेष संवाददाता)। लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के बिंदुखत्ता क्षेत्र में दशकों से लंबित राजस्व गांव की अधिसूचना की मांग को लेकर स्थानीय वन अधिकार समिति का आंदोलन अब चरम पर पहुंच गया है। समिति ने आगामी 18 फरवरी 2026 को बिंदुखत्ता से लालकुआं तक एक विशाल जनरैली व धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया है, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दल एवं सामाजिक संगठन बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।

यह निर्णय रविवार को हाटाग्राम, बिंदुखत्ता स्थित सामाजिक कार्यकर्ता एवं छात्र नेता राजा धामी के आवास पर आयोजित ‘चाय पर चर्चा’ नामक साप्ताहिक बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। इस बैठक में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित स्थानीय निवासियों, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने न केवल 18 फरवरी के कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग का वादा किया, बल्कि इसे जनांदोलन का रूप देने के लिए व्यापक जनसमर्थन जुटाने का संकल्प भी लिया।

बिंदुखत्ता क्षेत्र वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत अपने सामुदायिक वन अधिकारों के दावे लंबे समय से प्रस्तुत कर रहा है। इन दावों को संबंधित खंड स्तरीय समिति (एसडीएलसी) और जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) से स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है तथा फाइल शासन के पास अनुमोदन हेतु प्रेषित की जा चुकी है। परंतु, राजस्व गांव के रूप में अंतिम अधिसूचना जारी न होने के कारण यहाँ की लगभग एक लाख की आबादी भूमि के मालिकाना हक़, पंचायती राज व्यवस्था में प्रतिनिधित्व, और प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) जैसी केंद्र व राज्य सरकार की लाभकारी योजनाओं के अधिकारों से वंचित है। निवासी वर्षों से मूलभूत सुविधाओं एवं अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं।

चर्चा के दौरान स्थानीय विधायक के हालिया बयानों को लेकर गहरी नाराजगी और आपत्ति व्यक्त की गई। बैठक में एक प्रस्ताव पारित करते हुए स्पष्ट किया गया कि विधायक का यह दावा कि “वनाधिकार कानून के तहत बिंदुखत्ता के दावों में तीन पीढ़ी या 75 वर्ष का प्रमाण पूरा नहीं हो रहा”, पूरी तरह से निराधार एवं भ्रमपूर्ण है। समिति ने जोर देकर कहा कि न तो एसडीएलसी और न ही डीएलसी ने इस आधार पर कोई आपत्ति उठाई है।

इसके साथ ही, विधायक द्वारा ‘निर्वनीकरण का नया रास्ता’ सुझाने के बयान को भी सभी उपस्थित लोगों ने सिरे से खारिज कर दिया। समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिंदुखत्ता का मामला पहले से ही दो प्रस्तावों के माध्यम से विचाराधीन है – एक 2006 से केंद्र सरकार के पास और दूसरा 2020 से राज्य सरकार के पास, जो सर्वोच्च न्यायालय के कुछ आदेशों के कारण अटका हुआ है। ऐसे में ‘नया रास्ता’ बताने को आंदोलन की गति को कमजोर करने वाली एक साजिश करार दिया गया।

इस पूरे संदर्भ में, बैठक में एक अहम रणनीतिक निर्णय यह भी लिया गया कि अगले रविवार, 8 फरवरी 2026 को होने वाली ‘चाय पर चर्चा’ में स्थानीय विधायक को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया जाएगा। उन्हें एक खुली जन पंचायत के मंच पर अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा, ताकि जनता के सामने सारी बातें स्पष्ट हो सकें।

समिति ने सरकार को एक अंतिम मौका देते हुए स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन 18 फरवरी 2026 से पूर्व ही बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की अधिसूचना जारी कर देता है, तो प्रस्तावित आंदोलन रैली एवं धरने का स्वरूप बदलकर एक “धन्यवाद जनरैली” में परिवर्तित कर दिया जाएगा। अन्यथा, 18 फरवरी का आंदोलन निर्णायक और बहुत बड़े पैमाने पर होगा, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

समिति ने कहा कि सरकार की लंबी चुप्पी और देरी को वे सरकार की पूर्ण नाकामी के रूप में देख रहे हैं और अब जनता का धैर्य समाप्त हो चुका है।”।

बैठक का नेतृत्व वन अधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी ने किया। इसमें पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू, सचिव भुवन भट्ट, बसंत पांडे, भगवान सिंह धामी, श्याम सिंह रावत, राजा धामी (मेजबान), कुंदन सिंह चुफाल, भरत सिंह नेगी, कविराज धामी, गोविंद बल्लभ जोशी, प्रमोद कॉलोनी, कुंदन सिंह, नारायण सिंह कार्की, चन्दन सिंह राणा, सुनील यादव, भगवान सिंह गैढा, गोपाल सिंह, विनोद भट्ट, पुजा चिलवाल, विमला जोशी और मनीषा दानू सहित क्षेत्र के दर्जनों अन्य गणमान्य नागरिक एवं युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।

अब सारा फोकस 8 फरवरी की जन पंचायत और उसके बाद 18 फरवरी के निर्णायक आंदोलन पर है। स्थानीय प्रशासन एवं राज्य सरकार इन घटनाक्रमों पर क्या रुख अपनाती है, यह भविष्य के गर्त में है।

Related Posts

ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी हल्द्वानी में धूमधाम से मनाया गया ‘गरबा फेस्ट’

Spread the love

Spread the loveनवरात्रि के पावन अवसर पर सांस्कृतिक महाकुंभ; छात्रों ने सामूहिक गरबा-डांडिया के साथ मनाया जश्न, व्यंजनों के स्टॉल रहे आकर्षण हल्द्वानी। नवरात्रि के पावन पर्व के उपलक्ष्य में…

अवैध ओवरलोडिंग पर आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता को जान से मारने की धमकी

Spread the love

Spread the loveअवैध ओवरलोडिंग पर आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता को जान से मारने की धमकी लालकुआं (नैनीताल)। क्षेत्र में अवैध खनन, अनियंत्रित ओवरलोडिंग और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ…

Leave a Reply