मुख्यमंत्री ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने का दिया आश्वासन, जिलाधिकारी को त्वरित कार्यवाही के निर्देश
हल्द्वानी। बिंदुखत्ता को वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत राजस्व गांव का दर्जा दिलाने के लिए लंबे समय से चल रहे संघर्ष को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक सकारात्मक मोड़ दिया है। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री दीपेंद्र कोश्यारी के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांग रखी।
इस बैठक में मुख्यमंत्री ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की घोषणा की और जिलाधिकारी नैनीताल को इस संबंध में त्वरित कार्यवाही करने का निर्देश दिया।
भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री दीपेंद्र कोश्यारी ने कहा कि उनकी सरकार और वह पूरी तरह बिंदुखत्ता के राजस्व गांव के पक्षधर हैं और जल्द ही यहां के निवासियों को राजस्व गांव का दर्जा मिलेगा। उन्होंने कहा, “हम लगातार इसके लिए प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री ने वन अधिकार अधिनियम के तहत राजस्व गांव की घोषणा की है और जिलाधिकारी से संबंधित फाइल पर कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। जल्द ही बिंदुखत्तावासियों को राजस्व गांव की अधिसूचना मिलेगी।”
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी तीन बार मुख्यमंत्री स्तर से बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन वनाधिकार कानून में जिम्मेदार एजेंसी के शासन स्तर पर स्पष्ट न होने के कारण ये घोषणाएं अमल में नहीं आ सकीं। दीपेंद्र कोश्यारी ने इस संदर्भ में पूर्व में मुख्यमंत्री को भेजे गए अपने पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि नैनीताल जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की 20 सितंबर 2024 की अनुशंसा के आधार पर अब शीघ्र अधिसूचना जारी की जाएगी।
वन अधिकार समिति के सदस्यों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी बात ध्यान से सुनी और बिंदुखत्ता को राजस्व गांव की अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया पूरी होती दिख रही है। सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी तथा दीपेंद्र कोश्यारी का आभार व्यक्त किया है।
इस शिष्टमंडल में बिंदुखत्ता वन अधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, सचिव भुवन भट्ट, मंडल अध्यक्ष नवीन पपोला, पूर्व मंडल अध्यक्ष भरत नेगी, पूरन बोरा, श्याम सिंह रावत, पूर्व सैनिक कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, कैप्टन प्रताप सिंह बिष्ट, कैप्टन दलबीर सिंह काफोला तथा प्रमोद कालोनी कांग्रेस के प्रतिनिधि शामिल रहे।
यह फैसला बिंदुखत्ता क्षेत्र के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं और भूमि अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। राजस्व गांव का दर्जा मिलने से उन्हें भूमि के अधिकार, विकास योजनाओं का लाभ और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।





