ग्रामीण विद्यार्थियों तक पहुँच रही आधुनिक विज्ञान शिक्षा : विज्ञान लोकप्रियीकरण समिति की अनूठी पहल

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रानीखेत। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत की विज्ञान लोकप्रियीकरण समिति (Science Popularisation Cell) ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान और नवीनतम शोध से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है। समिति द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से समय-समय पर कार्यशालाओं, व्याख्यानों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण वैज्ञानिक शिक्षा प्राप्त हो सके।

इसी क्रम में विज्ञान लोकप्रियीकरण समिति ने MetaChem Academy LLP के साथ सहयोग स्थापित किया है। इस सहयोग के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए आधुनिक वैज्ञानिक विषयों पर ऑनलाइन कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। हाल ही में “Nanomaterials for Energy Harvesting and Storage” विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें ऊर्जा संरक्षण, हाइड्रोजन ऊर्जा, बैटरियों तथा नैनोप्रौद्योगिकी के नवीनतम अनुप्रयोगों की जानकारी विशेषज्ञों द्वारा प्रदान की गई।

इसके अतिरिक्त आगामी दिनों में FTIR Spectroscopy तथा UV-Visible Spectroscopy जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक विश्लेषणात्मक तकनीकों और शोध पद्धतियों का ज्ञान प्राप्त होगा।

उल्लेखनीय है कि विज्ञान लोकप्रियीकरण समिति द्वारा पूर्व में भक्तिवेदांत इंस्टीट्यूट, कोलकाता के सहयोग से नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों की व्याख्यान श्रृंखलाओं का भी सफल आयोजन किया जा चुका है। इन व्याख्यानों के माध्यम से ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय वैज्ञानिकों से सीधे जुड़ने और उनके अनुभवों से सीखने का अवसर मिला।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे ने समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विज्ञान लोकप्रियीकरण समिति के समन्वयक डॉ. भारत पांडे ने बताया कि समिति का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक आधुनिक विज्ञान की पहुँच सुनिश्चित करना है, ताकि वे भी राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठा सकें।

समिति की सह-समन्वयक डॉ. निधि शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञान और कौशल विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध हो रहे हैं तथा उन्हें भविष्य की वैज्ञानिक चुनौतियों के लिए तैयार कर रहे हैं।

विज्ञान लोकप्रियीकरण समिति की यह पहल ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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