वनाधिकार कानून से नहीं, निर्वनीकरण व भूमि हस्तांतरण से ही बनेगा बिंदुखत्ता राजस्व गांव: भाकपा (माले)”

Spread the love

27 अक्टूबर से गैरसैण में होने जा रहे विधानसभा सत्र में बिंदुखत्ता राजस्व गांव का प्रस्ताव पारित कर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू करो

लालकुआं। भाकपा (माले) बिंदुखत्ता कमेटी की बैठक दीपक बोस भवन में आयोजित हुई.भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय ने कहा कि, भाजपा की उत्तराखण्ड सरकार ने पिछले दस सालों से बिंदुखत्ता राजस्व गांव के नाम पर यहां की जनता से छल किया है । जिससे बिंदुखत्ता में भारी जन आक्रोश है और इस आक्रोश की अभिव्यक्ति इंडिया गठबंधन की पार्टियों द्वारा 2 अक्टूबर से चलाये जा रहे अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन में हो रही है।

उन्होंने कहा, वनाधिकार संगठन जनता को भ्रम में डालकर उलझाने का काम कर रहा है, जबकि वनाधिकार कानून से नहीं निर्वनीकरण कर भूमि हस्तांतरण से ही राजस्व गांव का मार्ग प्रशस्त होगा।वनाधिकार कानून 2006 के नियम और शर्तों के मुताबिक- 13 दिसंबर 2005 से पहले से रहने वाले लोग ही वनाधिकार का दावा कर सकते हैं और वे इस तारीख से पहले कम से कम तीन पीढ़ी से बसे होने चाहिए, एक पीढ़ी से 25 साल अभिप्रेत है। साथ ही उनको परंपरागत रूप से आजीविका के लिए वनों पर निर्भर होना चाहिए।ऐसे दावेदारों को वनाधिकार के लिए अपना तीन पीढ़ी से बसे होने का व्यक्तिगत दावा और उसके पक्ष में प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

इसी कारण से ही उनके सामूहिक दावे आपत्तियों के साथ वापस आ गए। यह सब जानते हुए भी वनाधिकार संगठन के लोग “केवल  वनाधिकार के जरिए ही बिंदुखत्ता राजस्व गांव बन सकता है” की रट लगाकर क्यों जनता में भ्रम फैलाकर जनता की एकता को तोड़ने का काम कर रहे हैं। यह समझ से परे है, ऐसा कर वे कुल मिलाकर भाजपा सरकार को ही राहत प्रदान करने का काम कर रहे हैं जबकि अभी समय जनता की एकता के बल पर राज्य सरकार को राजस्व गांव बनाने के लिए मजबूर करने का है।

भाकपा माले के बिंदुखत्ता कमेटी पुष्कर दुबड़िया ने कहा कि, भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री धामी के भीतर बिंदुखत्ता की जनता के प्रति जरा सी भी सम्वेदनशीलता है तो उन्हें 27 अक्टूबर से गैरसैण में शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में बिंदुखत्ता समेत वन भूमि पर बसी हुई राज्य की संपूर्ण आबादी को भूमि का मालिकाना अधिकार देते हुए राजस्व गांव बनाने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजकर निर्वनीकरण हेतु , अनापत्ति प्राप्त करते हुए विधानसभा चुनाव से पहले राजस्व गांव बनाने की प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिए. अन्यथा यहां की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में  भाजपा को करारा जवाब देने को तैयार है।

बैठक में डॉ कैलाश पाण्डेय, पुष्कर दुबड़िया, आनंद सिंह सिजवाली, भुवन जोशी, किशन सिंह बघरी, कमल जोशी, धीरज कुमार निर्मला शाही, हरीश भंडारी, त्रिलोक राम, पनी राम आदि सम्मिलित रहे ।

Related Posts

बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग को लेकर 20 दिसंबर को हल्द्वानी में विशाल रैली, अनिश्चितकालीन धरना जारी

Spread the love

Spread the loveबिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग को लेकर 20 दिसंबर को हल्द्वानी में विशाल रैली, अनिश्चितकालीन धरना जारी ​हल्द्वानी/ लालकुआं।बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की मांग…

ग्राफिक एरा और कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर के बीच ऐतिहासिक एमओयू: कुमाऊं व नागा रेजिमेंट के सैनिकों और परिवारों को मिलेगी असीमित छात्रवृत्ति

Spread the love

Spread the loveहल्द्वानी: कुमाऊं क्षेत्र के सशस्त्र बल समुदाय को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगारपरक कौशल से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी…

Leave a Reply