लालकुआं । बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। लालकुआं तहसील परिसर में वन अधिकार संगठन और पूर्व सैनिक संगठन के बैनर तले बीते 5 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। वहीं 2 अक्टूबर से क्रमिक अनशन पर बैठे कांग्रेस और इंडिया गठबंधन 9 सूत्री मांग को पूरा न करने पर विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी है।
प्रदर्शनकारियों और संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने का एकमात्र वैधानिक मार्ग ‘वन अधिकार अधिनियम-2006’ ही है, जो वन संरक्षण अधिनियम-1980 को भी ओवरलैप करता है। इसी अधिनियम के तहत बिंदुखत्ता की फाइल शासन स्तर पर मात्र अधिसूचना जारी होने के लिए भेजी गई थी। आज ढाई वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी फाइल लंबित पड़ी है।
उन्होंने कहा कि गत 27 सितंबर को आयोजित विशाल रैली के दौरान मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने 10 से 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद अब तक बिंदुखत्ता राजस्व गांव के संबंध में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। इस वादाखिलाफी से नाराज वन अधिकार संगठन के पदाधिकारियों व पूर्व सैनिकों ने 5 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन मोर्चा संभाल रखा है। आंदोलन के दौरान प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण तहसील पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
वहीं बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम, गौला नदी पर स्थायी तटबंध बनाने समेत नौ सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस पार्टी व इंडिया गठबंधन का क्रमिक अनशन मंगलवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलनकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया, तो उग्र आंदोलन करते हुए विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
बुधवार को पूर्व सैनिक मूल चंद कोरी, हर्ष बिष्ट, सचिन कठायत और ललित जोशी अगले 24 घंटे के क्रमिक अनशन पर बैठे।
इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बिंदुखत्ता के अध्यक्ष प्रदीप बथ्याल, महामंत्री प्रकाश कापड़ी, वरिष्ठ कांग्रेसी कुंदन सिंह मेहता, भगवान सिंह धामी, गुरदयाल सिंह मेहरा, गिरधर सिंह बम, पुष्कर दानू, मोहन कुढाई, रमेश कुमार, राजपाल, रंजीत सिंह कनवाल, भाकपा (माले) के जिला सचिव डॉ. कैलाश पांडे, किसान महासभा की बिंदुखत्ता अध्यक्ष विमला पाल, भुवन जोशी समेत दर्जनों आंदोलनकारी और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।





