आखिर रंग लाया संघर्ष अब उत्तराखंड में भी आरटीआई लगाने की सुविधा हुई ऑनलाइन, आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन ने जताया आभार।

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आखिर रंग लाया संघर्ष अब उत्तराखंड में भी आरटीआई लगाने की सुविधा हुई ऑनलाइन, आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन ने जताया आभार।

हल्द्वानी।

उत्तराखंड में भी अब आरटीआई लगाने की सुविधा ऑनलाइन हो गई है।
कल सोमवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड ऑनलाइन
आरटीआई पोर्टल एवं ऑनलाइन द्वितीय अपील/शिकायत, हाईब्रिड सुनवाई की व्यवस्था का शुभारंभ किया।
साथ ही इस अवसर पर सूचना अनुरोध पत्रों तथा प्रथम अपीलों के ऑनलाइन प्रेषण हेतु बनाए गए पोर्टल का भी शुभारंभ किया।
इन सुविधाओं के ऑनलाइन उपलब्ध होने से राज्य के दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों को भी लाभ प्राप्त होगा और नागरिकों के समय व धन की भी बचत होगी।


बताते चलें कि आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष जोशी बीते लंबे समय से आरटीआई पोर्टल ऑनलाइन करवाने के लिए संघर्षरत थे ।
उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने न्यायालय में पिआईएल लगाने के लिए भी ड्राफ्ट तैयार कर लिया था व अधिकारियों को अंतिम पत्र लिखकर यही कहा था कि यथाशीघ्र कर आरटीई पोर्टल ऑनलाइन नहीं होता तो न्यायालय की शरण में जाएंगे
साथ हि लगातार अधिकारियों व सचिवालय में सामान्य प्रशासन के सचिव विनोद कुमार सुमन से भी पत्राचार किया ।
आईटी एक्टिविस्ट एसोसिएशन ने बयान जारी कर बताया कि यह बड़ा दुर्भाग्य का बात की बात है कि देश के सभी राज्यों में आरटीआई लगाने की सुविधा पहले से ही ऑनलाइन है ।
केवल उत्तराखंड ही ऐसा राज्य था जहां आरटीआई लगाने की सुविधा ऑनलाइन नहीं थी ।
जिस पर उन्होंने कई बार सचिवालय में जाकर अधिकारियों से भी मुलाकात की व लगातार दबाव के बाद यह सकारात्मक प्रयास सफल हुआ।


साथ हि बताया की राज्य के लिए अच्छी पहल है व इससे कई आगामी भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करने में आसानी होगी।
जानकारी देते हुए आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष जोशी ने बताया कि अब आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन प्रदेश में एक लाख से अधिक आरटीआई कार्यकर्ताओं को आरटीआई लगाने आईटीआई अधिनियम की जानकारी देने व राज्यहित में सही जानकारियां जुटाना के लिए ट्रेनिंग कैंप लगाकर जानकारी प्रदान करने का रोड मैप तैयार कर रहे हैं ,जिसके लिए वह सूचना आयोग से भी संपर्क में है व पत्राचार किया जा रहा है।
जल्द हि पूरा रोड मैप तैयार कर इस पर अमली जामा पहनाया जाएगा ।

पीयूष ने बताया कि वह आरटीई पोर्टल ऑनलाइन होने की मांग 2019 से ही निरंतर कर रहे हैं व इस संबंध में कई बार अधिकारियों के साथ बैठ अन्य राज्यों के आरटीआई पोर्टल सहित तमाम तथ्य अधिकारियों के सम्मुख प्रस्तुत किया और इस संघर्ष का सकारात्मक नतीजा यह निकला कि आज प्रदेश में आरटीआई की सुविधा ऑनलाइन हो गई है।
इस पर उन्होंने सामान्य प्रशासन के सचिव विनोद कुमार सुमन सचिवालय में कार्यरत
अनुभाग अधिकारी सौरभ चौहान व वर्तमान सूचना आयोग के अध्यक्ष व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी आभार जताया।

उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों के हौसले पस्त होंगे तो वहीं राज्य के लिए प्रतिबद्ध आरटीआई एक्टिविस्ट को नई दिशा मिलेगी।

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