राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत में दिनांक 25 अप्रैल 2026 एवं 27 अप्रैल 2026 को शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विज्ञान संकाय के पांचों विभागों के संयुक्त तत्वावधान में विविध प्रतियोगिताओं का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा, तार्किक क्षमता एवं अभिव्यक्ति कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की वैज्ञानिक एवं बौद्धिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों में तार्किक सोच, आत्मविश्वास एवं प्रभावशाली अभिव्यक्ति के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए।
दिनांक 25 अप्रैल 2026 को विज्ञान विषय आधारित क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में कुल 95 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 67 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए हिमानी (B.Sc. 4th Semester), गरिमा, रमा, दिया शर्मा एवं जीवन ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी वैज्ञानिक समझ, त्वरित चिंतन क्षमता एवं तार्किक कौशल का उत्कृष्ट परिचय दिया।

इसके उपरांत दिनांक 27 अप्रैल 2026 को वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने समसामयिक एवं विचारोत्तेजक विषयों पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता के प्रमुख विषय रहे— • “इंटरनेट एजुकेशन : गंभीर समस्या?” • “एआई मैनेजमेंट : मानव नियंत्रण या स्वतंत्रता” • “ऑनलाइन प्राइवेसी : मिथक या सच्चाई”
“इंटरनेट एजुकेशन : गंभीर समस्या?” विषय पर विपक्ष में प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत करते हुए आयुष सती (B.Sc. 4th Semester), कविता रावत (B.Sc. 6th Semester) एवं पारस रामानंद (B.Sc. 4th Semester) ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया।
वहीं “एआई मैनेजमेंट : मानव नियंत्रण या स्वतंत्रता” विषय पर मोहित सती (B.Sc. 2nd Semester) एवं भावना बिष्ट (B.Sc. 4th Semester) ने पक्ष में प्रभावशाली प्रस्तुति देते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
इसके अतिरिक्त “ऑनलाइन प्राइवेसी : मिथक या सच्चाई” विषय पर करण सिंह बिष्ट एवं गौरव मेहता (B.Sc. 6th Semester) ने पक्ष में अपने सशक्त एवं तार्किक विचार प्रस्तुत करते हुए तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वाद-विवाद प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में हिन्दी विभाग से डॉ. निर्मला जोशी, समाजशास्त्र विभाग से डॉ. नीमा बोरा तथा रसायन विज्ञान विभाग से डॉ. निधि शर्मा उपस्थित रहीं। निर्णायकों द्वारा विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, अभिव्यक्ति शैली एवं विषय प्रस्तुति का मूल्यांकन किया गया।
दिनांक 07 मई 2026 को प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे की उपस्थिति में पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम में डॉ. प्राची जोशी, डॉ. प्रसून जोशी, डॉ. भरत पांडे, डॉ. प्रमोद जोशी, डॉ. सी. एस. पंत, डॉ. मीना परगाईं, डॉ. शंकर कुमार, डॉ. किरण पंत, डॉ. शीतल चौहान, डॉ. स्तुति जोशी, डॉ. निधि शर्मा, डॉ. गरिमा टम्टा, डॉ. निहारिका बिष्ट, डॉ. तनुजा तिवारी एवं डॉ. अपूर्वा जोशी द्वारा संयुक्त रूप से विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह, आत्मविश्वास एवं तार्किक अभिव्यक्ति सराहनीय रही। इन प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में समसामयिक विषयों के प्रति जागरूकता, विश्लेषणात्मक सोच तथा मंच पर प्रभावी ढंग से अपने विचार प्रस्तुत करने की क्षमता का विकास करना रहा। कार्यक्रम का समापन शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।





