देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनावी कार्ययोजना तैयार कर ली है, और इसी कड़ी में बिहार से अतिरिक्त 2,500 बैलेट यूनिट, 6,000 वीवीपैट और 12,500 कंट्रोल यूनिट मंगाई गई हैं।
इन नई मशीनों के आने के बाद राज्य में कुल मशीनों की संख्या बढ़ गई है। अब उत्तराखंड में लगभग 27,700 बैलेट यूनिट, 36,553 कंट्रोल यूनिट और 25,697 वीवीपैट उपलब्ध हैं। मशीनों को जिलों में भेज दिया गया है, और सितंबर-अक्टूबर में इनकी प्रथम स्तरीय जांच (FLC) की जाएगी। जांच के बाद खराब मशीनों को अलग कर शेष को सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाएगा।
हालांकि, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समय से पहले चुनाव की अटकलों पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है और ऐसी कोई तैयारी नहीं की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग जो भी निर्णय लेगा, सबको उसका पालन करना होगा। विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 तक है, लेकिन सियासी गलियारों में चुनाव नवंबर या दिसंबर 2026 में कराए जाने की चर्चा है।
इस अटकल के पीछे प्रमुख कारण अगले साल जनवरी में हरिद्वार अर्द्धकुंभ, फरवरी 2027 में राष्ट्रीय जनगणना और बोर्ड परीक्षाओं को बताया जा रहा है, ताकि प्रशासनिक मशीनरी पर अत्यधिक दबाव न पड़े।
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) भी तेज कर दिया है, जो 15 सितंबर तक पूरा हो जाएगा। अगस्त में जिला निर्वाचन अधिकारियों और अन्य अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू होगा। साथ ही, तीन साल से एक ही जगह तैनात अधिकारियों का तबादला भी किया जाएगा।
फिलहाल, ईवीएम की आवक और तैयारियां तो तेज हो गई हैं, लेकिन चुनाव की तारीखों को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।





