15 अगस्त से घर-घर पदयात्रा, 20 सितंबर को लालकुआं में विशाल जनसभा व रैली का ऐलान
लालकुआं । निकटवर्ती क्षेत्र बिंदुखत्ता की 3470 हेक्टेयर भूमि को राजस्व गाँव घोषित करने की अधिसूचना जारी न किए जाने के मामले में वन अधिकार संगठन ने अब आन्दोलन को और व्यापक स्वरूप देने का निर्णय लिया है। यहाँ आयोजित
बैठक में तय हुआ कि 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस से गाँव में घर-घर पदयात्रा के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, तथा 20 सितंबर को शहीद स्मारक पर एक विशाल जनसभा के साथ-साथ भव्य रैली भी निकाली जाएगी।
बैठक में वन अधिकार संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा पत्रावली शासन को अधिसूचना जारी करने हेतु अग्रेषित की गई थी, लेकिन शासन ने कोई आपत्ति दर्ज किए बिना ही वह पत्रावली वापस नहीं भेजी। इसके बाद जिलाधिकारी के तबादले पर वर्तमान जिलाधिकारी को यह निर्देश दिया गया कि वे स्वयं बिंदुखत्ता को राजस्व गाँव घोषित करने की अधिसूचना जारी करने के अधिकारी हैं।
हालाँकि, वर्तमान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वह एकल दावों के आधार पर ही बिंदुखत्ता को राजस्व गाँव की अधिसूचना जारी कर पाएँगे, जिससे संगठन में रोष व्याप्त है।

वन अधिकार संगठन के पदाधिकारी ने कहा कि “जब यह कानून स्वयं जनजाति मंत्रालय का है, तो सरकार को चाहिए कि वह जिलाधिकारी को बिंदुखत्ता की 3470 हेक्टेयर भूमि को राजस्व गाँव बनाने में आ रही बाधाओं को लेकर जनजाति मंत्रालय से दिशा-निर्देश लेकर कार्रवाई करे।”
उन्होंने कहा कि यदि शासन-प्रशासन वास्तव में गंभीर है, तो उसे इस मामले में स्पष्ट पहल करनी चाहिए।
वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बिंदुखत्ता को राजस्व गाँव घोषित न करने के पीछे सरकारी उदासीनता के साथ-साथ कुछ जनप्रतिनिधियों के व्यक्तिगत स्वार्थ भी जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि एक तरफ अधिसूचना जारी करने का श्रेय लेने की होड़ है, तो दूसरी तरफ कार्यवाही में बाधाएँ खड़ी की जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों की न्यायोचित माँग ठंडी बस्ती में पड़ी है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी 9 अगस्त (रविवार) को बिंदुखत्ता क्षेत्र में सभी राजनीतिक पार्टियों की एक बड़ी बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आगामी 20 सितंबर के आन्दोलन को सक्रिय बनाने, रैली के मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, व अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए सभी दलों को उपस्थित रहने का आह्वान किया गया है।
संगठन ने स्पष्ट किया कि 20 सितंबर की जनसभा में केवल बिंदुखत्ता की जनता को ही मंच पर अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। यदि कोई राजनीतिक या सामाजिक व्यक्ति समर्थन देने आता है, तो उसका स्वागत तो होगा, लेकिन उसे मंच पर नहीं बुलाया जाएगा — ताकि यह आन्दोलन पूर्णतः जनाधारित बना रहे।
बैठक में वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपक जोशी, दीपक रौतेला, कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा व नवीन जोशी सहित वन अधिकार संगठन के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि बिंदुखत्ता की जनता अपने अधिकारों के लिए एकजुट है, और अब देर नहीं होगी। 15 अगस्त से हम हर घर तक पहुँचेंगे, 20 सितंबर को लालकुआं में रैली व जनसभा के माध्यम से अपनी आवाज़ को बुलंद करेंगे — और राजस्व गाँव की अधिसूचना जारी कराकर रहेंगे।





