पृथ्वी की दीपावली के बाद अगर आप दीपावली की जैसी आतिशबाजी बिना शोर के देखना चाहते हैं तो इस खबर को जरूर पढ़ें और इसके गवाह बने।

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दिवाली तो बीत गई लेकिन क्या आप अब भी भव्य आतिशबाजी देखना चाहते हैं, वह भी बिना किसी वायु या ध्वनि प्रदूषण के? यदि हाँ, तो मेरे पास आपके लिए एक अच्छी खबर है। आप अगली कुछ रातों में किसी भी खुले अंधेरे आसमान से जेमिनीड उल्कापात की आकाशीय आतिशबाजी देख सकते हैं। उल्का देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। कोई भी व्यक्ति बाहर जा कर ऊपर आसमान की ओर देख सकता है। आराम के लिए लेट कर भी देख सकते हैं। अर्थात हर कोई उल्कापात का आनंद ले सकता है।

आप पूछेंगे कि “उल्का क्या है?”। आपने शायद पहले भी खुद अपनी आँखों से उल्का देखी होगी या कम से कम आम बोल चाल में इसका नाम “टूटता तारा” तो जरूर सुना होगा। लेकिन टूटता तारा केवल एक मिथ्या नाम है क्योंकि उल्काओं का तारे से कोई लेना-देना नहीं है। यह किसी धूमकेतु या क्षुद्रग्रह, जो पहले कभी पृथ्वी के करीब से गुजरा होगा, द्वारा छोड़े गए मलबे के बादल से आने वाला एक छोटा पत्थर या धूल का कण है। जब यह कण पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है तो घर्षण के कारण उसका तापमान बढ़ जाता है और अंततः वह जलने लगता है। चूँकि ज्यादातर कण बहुत छोटे होते हैं, इसलिए ये मुश्किल से एक सेकंड से भी कम समय तक प्रकाश की एक लकीर जैसे दिखाई देते हैं। उल्कापात तब होता है जब एक रात में बहुत सारी उल्काएँ दिखाई देती हैं और, पीछे की दिशा में खींचने पर, आकाश के एक छोटे से क्षेत्र से उत्पन्न होती प्रतीत होती हैं।

पूरे साल भर कई उल्कापात सक्रिय रहते हैं, जो कुछ घंटों से लेकर कुछ हफ्तों तक चलते हैं जिसमें अधिकतम गतिविधि 1-2 रातों में होती है। आगामी जेमिनीड उल्कापात संख्या और चमक दोनों में सबसे शानदार होता है। चूँकि यह जेमिनी यानि मिथुन तारामंडल से आता हुआ प्रतीत होता है इसलिए इसे जेमिनीड उल्कापात कहा जाता है। यह आमतौर पर दिसंबर के पहले 3 हफ्तों तक चलता है, जिसमें सर्वाधिक गतिविधि 13-15 दिसंबर के बीच होती है। इस वर्ष जेमिनीड उल्कापात विशेष रूप से भव्य होनेवाला है क्योंकि सर्वाधिक गतिविधि (14 दिसंबर को दिन के समय) अमावस्या (12 दिसंबर) के करीब है। हम एरीज में बुधवार, 13 दिसंबर रात 11:00 बजे से सुबह 4:00 बजे तक उल्कापात देखने के लिए एक विशेष कार्यक्रम की व्यवस्था कर रहे हैं। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगली रात (14 दिसंबर) बादल छाए रहने की संभावना है। यह कार्यक्रम सभी के लिए निःशुल्क खुला है। अपना पंजीकरण करने के लिए, कृपया इस चित्र में क्यूआर कोड को स्कैन करें या इस फॉर्म को भरें – https://forms.gle/CGZT7U7HbXw2Dvwf6

चूंकि बहुत ठंड होगी, इसलिए आपसे पर्याप्त गर्म कपड़े और एक स्लीपिंग बैग या चटाई लाने का अनुरोध किया जाता है। यदि आप एरीज में नहीं आ सकते तो भी आप कम रोशनी वाले किसी खुले क्षेत्र में जा सकते हैं और उल्काओं को देखने के लिए आकाश की ओर निहार सकते हैं। इस खगोलीय आतिशबाजी को देखने से ना चूकें!

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