उत्तराखंड से पहली बार किसी स्कूल ने देश के सबसे प्रतिष्ठित पर्यावरण शैक्षिक कार्यक्रम ‘विप्रो अर्थियन अवार्ड’ 2023 जीता है।

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उत्तराखंड से पहली बार किसी स्कूल ने देश के सबसे प्रतिष्ठित पर्यावरण शैक्षिक कार्यक्रम ‘विप्रो अर्थियन अवार्ड’ 2023 जीता है।

नानकमत्ता पब्लिक स्कूल ने ‘नेचर साइंस इनिशिएटिव’ (देहरादून) के निर्देशन में लगभग 1200 स्कूलों के बीच पहला स्थान प्राप्त किया।

यह वेस्ट, जल और जैव विविधता को कवर करने वाली समावेशी पर्यावरण शिक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता है। इस कार्यक्रम में शिक्षार्थियों की टीम लगभग 6 महीने तक पर्यावरण से संबंधित पहले से तय कुछ गतिविधियों में शामिल होती हैं और उसके आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करती हैं। इसमें स्थानीय संदर्भों को लेकर लोगों से बातचीत, फील्ड वर्क और अवलोकन के आधार पर रिर्पोट बनाकर राष्ट्रीय स्तर के लिए भेजनी होती है।

हर साल हज़ारों स्कूल इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं। नेचर साइंस इनिशिएटिव के निर्देशन में उत्तराखंड के 3 स्कूलों- नानकमत्ता पब्लिक स्कूल, लिटिल स्कॉलर्स (काशीपुर) और कर्नल ब्राउन स्कूल (देहरादून) के शिक्षार्थियों ने इस प्रोग्राम में भाग लिया था। नानकमत्ता पब्लिक स्कूल ने पुरस्कार जीता है, जबकि लिटिल स्कॉलर्स और कर्नल ब्राउन स्कूल को शॉर्टलिस्ट किया गया है।

अवार्ड जीतने वाली टीम के पांचो शिक्षार्थी; वंश मित्तल, हर्षदीप सिंह, अंशदीप कौर, जिया कठायत और साक्षी भट्ट, अपने शिक्षक मुकेश कांडपाल के साथ 24 फ़रवरी को बेंगलुरु में यह पुरस्कार लेने जाएंगे। विद्यालय के प्रबंधक चंद्रशेखर अटवाल ने बताया कि नानकमत्ता पब्लिक स्कूल के लगभग 35 शिक्षार्थियों ने देहरादून से डॉक्टर सौम्या प्रसाद जी के निर्देशन और अपने शिक्षक मुकेश कांडपाल के साथ मिलकर लगभग 6 महीने की मेहनत के बाद यह प्रोजेक्ट तैयार किया है। अभी राज्य स्तर पर प्रस्तुत की गई रिपोर्ट्स के रिज़ल्ट आने बाकी हैं।

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