राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत: उत्तराखंड का पहला सरकारी कॉलेज जिसने आयोजित किया नोबेल पुरस्कार विजेता का व्याख्यान।

Spread the love

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत: उत्तराखंड का पहला सरकारी कॉलेज जिसने आयोजित किया नोबेल पुरस्कार विजेता का व्याख्यान

रविवार, 17 नवंबर 2024 को विज्ञान लोकप्रियकरण समिति (‘विज्ञान लोकप्रियीकरण समिति’) और भक्ति वेदांत इंस्टीट्यूट, कोलकाता के संयुक्त प्रयास से एक ऐतिहासिक ऑनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भौतिकी के नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. डेविड जे. विनलैंड ने “मेरी खोज यात्रा” (My Journey of Discovery) विषय पर व्याख्यान दिया। यह आयोजन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत, अल्मोड़ा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुआ, क्योंकि यह उत्तराखंड का पहला सरकारी महाविद्यालय बन गया जिसने नोबेल पुरस्कार विजेता का ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किया।

प्रो. विनलैंड, जिन्होंने 2012 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार जीता था, ने अपने शोध कार्यों जैसे क्वांटम मैकेनिक्स, लेजर कूलिंग ऑफ आयन्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, और परमाणु घड़ियों पर चर्चा की। उनके व्याख्यान ने यह प्रदर्शित किया कि कैसे क्वांटम तकनीक विज्ञान और समाज के हर पहलू को बदलने की क्षमता रखती है।

विज्ञान लोकप्रियकरण समिति के समन्वयक डॉ. भारत पांडे ने इस अवसर पर कहा, “यह हमारे महाविद्यालय और उत्तराखंड राज्य के लिए गर्व का क्षण है। नोबेल पुरस्कार विजेता का व्याख्यान आयोजित करना हमारी टीम के अथक प्रयासों और समर्पण का परिणाम है। इस कार्यक्रम ने छात्रों और प्राध्यापकों को उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के प्रति प्रेरित किया है।”

कार्यक्रम का शुभारंभ भक्ति वेदांत इंस्टीट्यूट, कोलकाता के निदेशक श्री वरुण अग्रवाल के स्वागत भाषण से हुआ। आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी के प्रो. प्रभात कुमार सिंह ने प्रो. विनलैंड का परिचय देते हुए उनके असाधारण योगदान पर प्रकाश डाला।

इस व्याख्यान में पूरे भारत के छात्रों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों ने ऑनलाइन भाग लिया। प्रश्न-उत्तर सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों ने प्रो. विनलैंड से सीधे संवाद किया, जिससे यह आयोजन और भी विशेष बन गया।

इस नोबेल पुरस्कार विजेता व्याख्यान श्रृंखला में आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी तिरुपति, एमिटी विश्वविद्यालय गुड़गांव, सिस्टर निवेदिता विश्वविद्यालय कोलकाता, और एसओए विश्वविद्यालय भुवनेश्वर जैसे प्रतिष्ठित ज्ञान साझेदारों ने सहयोग किया।

यह कार्यक्रम विज्ञान लोकप्रियकरण समिति की पहल और राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत की शैक्षणिक नवाचारों की दिशा में अग्रणी भूमिका को दर्शाता है। इस तरह के आयोजन से न केवल महाविद्यालय बल्कि पूरे उत्तराखंड के शैक्षणिक क्षेत्र में एक नई दिशा मिली है।

  • Related Posts

    बिंदुखत्ता में राजस्व गांव की अधिसूचना को लेकर जनांदोलन ने तेज रफ्तार पकड़ी, 18 फरवरी को होगी विशाल महारैली एवं धरना

    Spread the love

    Spread the love विधायक के बयानों पर सवाल, 8 फरवरी को जन पंचायत में बुलाने का फैसला; वन अधिकार समिति ने दिया सरकार को अंतिम मौका हल्द्वानी (विशेष संवाददाता)। लालकुआं…

    आँचल दुग्ध संघ में 77वें गणतंत्र दिवस पर उत्साह का माहौल, भगत सिंह कोश्यारी के पद्म भूषण पर जताया गया गर्व

    Spread the love

    Spread the love नैनीताल आँचल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (लालकुआँ) में 77वाँ गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह, राष्ट्रभक्ति और गौरव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगत सिंह कोश्यारी…

    Leave a Reply