क्या भाभर ही सब कुछ है बेटी?

Spread the love


*भाभर  में डेरा क्यों ना होगा फेरा*

जब तक भाभर  में नहीं होगा डेरा
तब तक नहीं होगा फेरा
यह कैसी बात कह डाली आज की लड़की ने
पहाड़ में पढ़ा है पहाड़ की निवासी हूं कहती है वह बेटी
क्यों नहीं अपने पहाड़ को बढ़ावा देती है वह बेटी
भाभर में ऐसा क्या रखा है
पूछना चाहता हूं उन बेटियों से
चार लोगों के सामने अपने आप की  इज्जत बढ़ाने लिए
पहाड़ से पलायन  करके क्योंजा रही हो बेटी
पहाड़ का  मीठा पानी
पहाड़ का ठंडा पानी
छोड़कर उस भाभर की ओर क्यों जा रही हो बेटी
पहाड़ भी  रो रहे हैं बेटी
क्यों रुला के जा रही है मेरी प्यारी बेटी
मम्मी पापा भी विदाई के वक्त रो रहे हैं
यह आंसू उनके मेरी बेटी की विदाई के नहीं मेरी बेटी के भाभर जाने के हैं
ऐसा कौन सा पहाड़ टूट पड़ा है
क्यों तुम उनसे इतना रूठे हुए है
एक बार अवश्य बतला मेरी बेटी
पहाड़ में क्यों नहीं करनी तूने शादी
हंसते-हंसते मैं तुझे विदा करूंगा
अगर तूने इसका जवाब मुझे दे दिया
जब तक भाभर  में नहीं होगा डेरा
तब तक नहीं होगा फेरा
यह कैसी रट है तेरी बेटी
छोड़ दे इस रट को मेरी बेटी
कर ले तू शादी जी ले अपनी जिंदगी
मत तरसा इन पहाड़ के लड़कों को इतना
मत रुला इतना इनको इतना
की  यह नेपाल से लेकर आए तेरी भौजी को
मत तरसा मेरी बेटी मत तरसाए इनको
छोड़ दे अपनी इस रट को
पहाड़ में बसा ले अपनी दुनिया को


कवि  गोकुलानन्द जोशी
पता – करासमाफ़ी  काफलीगैर बागेश्वर
वर्तमान पता -बिंदुखत्ता लालकुआं नैनीताल

  • Related Posts

    राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत में वर्चुअल लैब कार्यशाला का आयोजन, ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए विज्ञान शिक्षा के नए अवसर खुले

    Spread the love

    Spread the love राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा आज बी.एससी. एवं एम.एससी. विद्यार्थियों के लिए वर्चुअल लैब कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने…

    राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत में शोध प्रस्तुतिकरण कार्यक्रम सम्पन्न, छात्रों ने दिखाया उत्कृष्ट प्रदर्शन

    Spread the love

    Spread the love रानीखेत (अल्मोड़ा)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय शोध प्रस्तुतिकरण कार्यक्रम का सफल समापन हो गया। इस शैक्षणिक आयोजन में बी.एससी.…

    Leave a Reply