फाइल अटकी, जनता भटकी: बिंदुखत्ता के राजस्व गांव और गोवंश संकट पर गरमाई राजनीति

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राजस्व गांव और आवारा गोवंश के मुद्दे पर 18 जून की चेतावनी रैली को लेकर किसान महासभा का जन अभियान शुरू

लालकुआं, 2 जून।
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित किए जाने की मांग और क्षेत्र में आवारा गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा बिंदुखत्ता कमेटी द्वारा आगामी 18 जून को आयोजित रैली की तैयारियों हेतु जन अभियान की शुरुआत सोमवार से कर दी गई। यह अभियान बिंदुखत्ता क्षेत्र के हर गांव और मोहल्ले में चलाया जाएगा।

अभियान की शुरुआत करते हुए किसान महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष बहादुर सिंह जंगी ने कहा कि लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद सभी राजनीतिक दलों को बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग स्वीकारनी पड़ी, लेकिन बार-बार आश्वासन के बावजूद आज तक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सारी फाइलें तैयार हैं तो अधिसूचना जारी करने में देरी क्यों? क्या सरकार पर्दे के पीछे कोई और खेल खेल रही है?

भाकपा (माले) नैनीताल जिला सचिव डॉ. कैलाश पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार और स्थानीय विधायक मोहन सिंह बिष्ट को स्पष्ट जवाब देना होगा कि राजस्व गांव की प्रक्रिया शुरू क्यों नहीं की जा रही। यदि ऐसा नहीं किया गया तो जनता को व्यापक जन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

इस अवसर पर वरिष्ठ नेता पुष्कर दुबड़िया, किशन सिंह बघरी और गोविंद सिंह जीना ने कहा कि सरकार पशुपालकों और किसानों से उनका पशुधन छीनकर कॉर्पोरेट कंपनियों के हवाले करना चाहती है। आवारा गोवंश की समस्या भी इसी नीति की देन है। उन्होंने मांग की कि सरकार गोवंश की सरकारी कीमत तय करे, सरकारी खरीद की गारंटी दे और गौशालाओं का संचालन पशुपालकों को सौंपे। साथ ही आवारा गोवंश द्वारा जान-माल की क्षति पर ₹10 लाख तक का मुआवजा घायलों को और ₹50 लाख तक का मुआवजा मृतकों के परिजनों को दिया जाए। नष्ट फसलों का भी समुचित मुआवजा किसानों को मिलना चाहिए।

कार्यक्रम विवरण
चेतावनी रैली 18 जून 2025, बुधवार को सुबह 10 बजे बिंदुखत्ता के शहीद स्मारक, जड़ सेक्टर, कार रोड से प्रारंभ होकर जनसभा के उपरांत लालकुआं तहसील तक जुलूस निकाला जाएगा और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत प्रस्तावित राजस्व ग्राम की फाइल को जिला प्रशासन द्वारा शासन को भेजे लगभग एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन वह फाइलें वन विभाग में अटकी पड़ी हैं।

जन अभियान शुरू करने वालों में बहादुर सिंह जंगी, डॉ. कैलाश पांडेय, पुष्कर दुबड़िया, किशन सिंह बघरी, गोविंद सिंह जीना, निर्मला शाही, हरीश भंडारी, बिशन दत्त जोशी, आइसा जिला अध्यक्ष धीरज कुमार समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे।

जनता से अपील
किसान नेताओं ने बिंदुखत्ता की जागरूक जनता से आह्वान किया है कि वे 18 जून को होने वाले विशाल चेतावनी प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपनी भागीदारी से सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करें।


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