ब्रेकिंग न्यूज़ | जमरानी नहर निर्माण के दौरान हादसा, 11000 केवीए लाइन के चार पोल गिरे, कई इलाकों की बिजली ठप

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जमरानी नहर निर्माण के दौरान बड़ा हादसा टला, 11000 केवीए लाइन के चार पोल गिरे, कई क्षेत्रों की बिजली गुल

रिपोर्टर: मुकेश कुमार

लालकुआं।
हल्द्वानी से लालकुआं के बीच निर्माणाधीन जमरानी नहर परियोजना के दौरान सोमवार दोपहर बड़ा हादसा टल गया। नहर निर्माण कार्य के चलते इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की दीवार के समीप 11000 केवीए की हाई वोल्टेज विद्युत लाइन के चार पोल अचानक धराशायी हो गए, जिससे लालकुआं, हल्दूचौड़ और आसपास के कई क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना सोमवार दोपहर लगभग 3 बजे बबूरगुमटी के पास उस समय घटी जब जमरानी नहर निर्माण कार्य चल रहा था। खुदाई के दौरान एक विशालकाय सेमल का पेड़ विद्युत लाइन पर गिर पड़ा, जिससे तीन सिंगल और एक डबल पोल एक साथ ज़मीन में गिर गए। गनीमत रही कि विद्युत लाइन तत्काल ट्रिप हो गई, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और वहां कार्यरत मजदूर बाल-बाल बच गए।

घटना की जानकारी मिलते ही विद्युत विभाग के एसडीओ संजय प्रसाद एवं अवर अभियंता इंतजार अली अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तत्काल विद्युत पोलों को हटाने और नई लाइन स्थापित करने का कार्य शुरू कराया। अवर अभियंता इंतजार अली ने बताया कि घटना के चलते लालकुआं, आईटीबीपी और हल्दूचौड़ क्षेत्र के कई गांवों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने के प्रयास तेज़ी से किए जा रहे हैं।

स्थानीय नेता कमल भंडारी ने घटना के पीछे निर्माण कार्य में लगी कार्यदायी संस्था की लापरवाही को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर पेड़ गिरा और पोल गिरे, वहां पर खुदाई की गई थी जिससे पेड़ की जड़ें कमजोर हुईं और वह सीधे विद्युत लाइन पर गिर गया। कमल भंडारी ने कहा कि यह एक गंभीर लापरवाही है और सौभाग्य रहा कि उस समय कोई व्यक्ति बिजली के संपर्क में नहीं आया, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था।

विद्युत विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घटना की गहन जांच की जाएगी। यदि इसमें किसी संस्था या व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना विकास कार्यों के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा लापरवाहियों की एक और मिसाल है। गनीमत रही कि जनहानि नहीं हुई, परंतु विभागों के बीच बेहतर समन्वय और निर्माण स्थलों पर सावधानी भविष्य में ऐसे हादसों को रोक सकती है।

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