
लालकुआँ (नैनीताल), उत्तराखंड: उत्तराखंड राज्य किसान आयोग के उपाध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह ने हाल ही में नैनीताल आँचल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, लालकुआँ का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने दुग्ध संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और स्वच्छता व्यवस्था तक की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया।

यह दौरा दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं को समझने और उनके हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
यहाँ आधुनिक मशीनरी से दूध, पनीर, घी और अन्य दुग्ध उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया देखते हुए:
संघ के सामान्य प्रबंधक अनुराग शर्मा ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादकों से दूध संग्रह किया जा रहा है। गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छता मानकों, आधुनिक तकनीक और समय पर भुगतान की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रयोगशाला में दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता जांच (फैट, एसएनएफ एवं शुद्धता) की प्रक्रिया भी उपाध्यक्ष को दिखाई गई।
चौधरी अजीत सिंह ने दुग्ध उत्पादकों की प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डाला, जिनमें शामिल हैं: दुग्ध उत्पादन की बढ़ती लागत, पशु आहार की उपलब्धता, पशु स्वास्थ्य सेवाएँ
समय पर उचित भुगतान।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड राज्य किसान आयोग इन समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है। आयोग की प्राथमिकताएँ हैं: दुग्ध उत्पादकों को उचित मूल्य दिलाना, तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना, सहकारी संस्थाओं को और मजबूत बनाना।
उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों के हित से जुड़े सभी मुद्दों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर शीघ्र हल किया जाएगा।
दौरा दुग्ध उत्पादकों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है, क्योंकि राज्य सरकार और किसान आयोग मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय हैं।
इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी रितु टम्टा, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी गीतांजलि, सहायक कृषि अधिकारी अफरोज अहमद, अमृत लाल श्रीवास्तव सहित दुग्ध संघ के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
आँचल दुग्ध संघ उत्तराखंड के दुग्ध उत्पादकों के लिए एक मजबूत सहारा बना हुआ है और ऐसे दौरे निश्चित रूप से किसानों के मनोबल को बढ़ाएंगे!





