लालकुआं (नैनीताल), 16 जनवरी 2026
जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार ने बिंदुखत्ता क्षेत्र को वन अधिकार अधिनियम 2006 (FRA) के तहत राजस्व ग्राम घोषित करने की लंबित मांग पर गंभीर हस्तक्षेप किया है। 16 जनवरी 2026 को जारी एक आधिकारिक पत्र में केंद्र ने उत्तराखंड सरकार के जनजाति विकास विभाग को तुरंत कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
पत्र संख्या 23011/43/2020-FRA (E-18242), दिनांक 16 जनवरी 2026 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भुवन चंद्र भट्ट, नैनीताल द्वारा 7 जनवरी 2026 को दर्ज ऑनलाइन शिकायत (पंजीकरण संख्या MTRBL/E/2026/0000032) “स्व-व्याख्यात्मक” (self-explanatory) है। यह शिकायत बिंदुखत्ता राजस्व गांव के अंतर्गत वन अधिकार अधिनियम 2006 से संबंधित है।
पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि:उत्तराखंड सरकार के प्रधान सचिव/सचिव, जनजाति विकास विभाग मामले में आवश्यक कार्रवाई करें।आवेदक को उचित रूप से जवाब दिया जाए। उक्त पत्र की प्रति भारतीय वन सर्वेक्षण महानिदेशक (IGF, MoEF&CC) और आवेदक भुवन चंद्र भट्ट को भी भेजी गई हैं।
बिंदुखत्ता वर्षों से राजस्व गांव की मांग कर रहा है। ब्लॉक एवं जिला स्तर पर दावे स्वीकृत हो चुके हैं, फाइल राज्य स्तर पर लंबित है। केंद्र का यह पत्र राज्य सरकार पर कार्रवाई का दबाव बढ़ाता है, FRA के तहत राजस्व गांव बनाने का प्रावधान मौजूद है।
वन अधिकार समिति के सचिव भुवन चंद्र भट्ट ने इस पत्र को बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार को देरी नहीं करनी चाहिए, ताकि बिंदुखत्ता के लोगों को भूमि अधिकार मिले और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। स्थानीय निवासी इस कदम से उत्साहित हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द ही अधिसूचना जारी होगी।





