उत्तराखंड सरकार ने प्रमुख शहरों में ई-बीआरटी और रोपवे परियोजनाओं को तेज किया: देहरादून में दो कॉरिडोर पर ई-बीआरटी को सैद्धांतिक मंजूरी, हरकी पौड़ी और नीलकंठ रोपवे को हरी झंडी

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उत्तराखंड में ई-बीआरटी और रोपवे क्रांति: देहरादून में दो कॉरिडोर पर ई-बीआरटी को सैद्धांतिक मंजूरी, हरकी पौड़ी रोपवे को हरी झंडी, नीलकंठ प्रोजेक्ट में एनबीडब्ल्यूएल क्लियरेंस


देहरादून/हरिद्वार/नैनीताल – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार राज्य के प्रमुख शहरों में ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और भीड़भाड़ की समस्या से निजात दिलाने के लिए आधुनिक परिवहन व्यवस्था पर तेजी से काम कर रही है। देहरादून में ई-बीआरटी (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) और हरिद्वार, रिषिकेश, नैनीताल, कैंची धाम व मसूरी में रोपवे परियोजनाओं की तैयारियां तेज हो गई हैं।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूकेएमआरसी) की हालिया उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इन सभी परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। यूकेएमआरसी के प्रबंध निदेशक श्री ब्रजेश कुमार मिश्रा ने विभिन्न योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया।


देहरादून शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए दो प्रमुख कॉरिडोरों पर ई-बीआरटी परियोजना को यूकेएमआरसी बोर्ड से सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। आवश्यक अध्ययन और फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश जारी हो गए हैं। अध्ययन पूरा होने के बाद प्रस्ताव कैबिनेट अनुमोदन के लिए रखा जाएगा। यह पर्यावरण-अनुकूल सिस्टम नागरिकों को तेज, सुरक्षित और किफायती सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराएगा तथा प्रदूषण में भी कमी लाएगा।


हरिद्वार में हरकी पौड़ी क्षेत्र के लिए प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना को यूकेएमआरसी बोर्ड से पूर्ण अनुमोदन मिल गया है। प्रस्ताव शीघ्र सक्षम प्राधिकरण को भेजा जाएगा। सचिव ने निर्देश दिए कि इसे जल्द से जल्द आगे बढ़ाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भीड़-भाड़ और ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिल सके।


रिषिकेश के त्रिवेणी घाट से नीलकंठ महादेव मंदिर तक रोपवे परियोजना में बड़ी सफलता हासिल हुई है। इसे राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। फॉरेस्ट क्लियरेंस स्टेज-1 पूरी होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सचिव ने सभी अनुमोदन समयबद्ध तरीके से पूरे करने और टेंडर जल्द आरंभ करने के सख्त निर्देश दिए हैं।


नैनीताल, कैंची धाम और मसूरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में रोपवे परियोजनाओं के लिए संभाव्यता अध्ययन जारी है। सचिव ने इन प्रस्तावों की सराहना करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं इन इलाकों में यातायात जाम को काफी हद तक कम करेंगी तथा पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी।


बैठक में देहरादून के लिए सेकंड ऑर्डर मास ट्रांजिट सिस्टम की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। सचिव ने भविष्य की बढ़ती शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक परिवहन योजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया।


ये परियोजनाएं उत्तराखंड को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और पर्यटन-अनुकूल ट्रांसपोर्ट हब बनाने में मील का पत्थर साबित होंगी, जो धार्मिक यात्रा, पर्यटन और रोजमर्रा के आवागमन को आसान बनाएंगी। बैठक में यूकेएमआरसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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