सेंचुरी मिल में गूंजा संविधान और कर्मयोग का संदेश: सीईओ अजय गुप्ता ने फहराया तिरंगा, कर्मचारियों को किया सम्मानित
लालकुआँ (उत्तराखंड), 26 जनवरी 2026: सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल्स में 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव देशभक्ति, हर्षोल्लास और प्रेरणादायी संदेशों के साथ धूमधाम से मनाया गया। संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री अजय कुमार गुप्ता ने प्रशासनिक भवन परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सभी कर्मचारियों, अधिकारियों तथा श्रम संगठनों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
अपने प्रेरक संबोधन में श्री गुप्ता ने संविधान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ भारतीय संविधान ने देश को संप्रभु, समाजवादी, पंथ निरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया। उन्होंने कहा, “भारत केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व जैसे मूल्यों से जुड़ा एक जीवंत राष्ट्र है।” संविधान की लचीलापन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक इसमें 106 संशोधन हो चुके हैं, जो सामाजिक न्याय, आर्थिक सशक्तिकरण और नागरिक अधिकारों को मजबूत करने में सहायक सिद्ध हुए हैं।
श्री गुप्ता ने राष्ट्र की वर्तमान प्रगति पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने सभी से सहयोग, नवाचार और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया तथा जोर दिया कि सामूहिक प्रयास ही राष्ट्रीय लक्ष्यों को साकार कर सकते हैं। उन्होंने नया मंत्र दिया— “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय श्रम दान”— और समझाया कि जवानों का त्याग, किसानों की मेहनत, विज्ञान की शक्ति और श्रम की भावना का समन्वय ही भारत को आत्मनिर्भर व समृद्ध बना सकता है।
इस अवसर पर श्री गुप्ता ने 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को सम्मानित भी किया, जिससे कर्मचारियों में उत्साह और समर्पण की भावना और बढ़ गई। कार्यक्रम में मुख्य संचालन अधिकारी प्रणव शर्मा, उपाध्यक्ष नरेश चन्द्रा व अमित गंगवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और श्रम संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन संजय बाजपेयी ने किया।
यह समारोह महज एक राष्ट्रीय पर्व का उत्सव नहीं रहा, बल्कि संविधान के प्रति गहन सम्मान, राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण और कर्मयोग की शाश्वत भावना का सशक्त प्रसार भी बना। सेंचुरी मिल के इस आयोजन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि उद्योग और राष्ट्रहित एक-दूसरे के पूरक हैं।





