आँचल दुग्ध संघ में 77वें गणतंत्र दिवस पर उत्साह का माहौल, भगत सिंह कोश्यारी के पद्म भूषण पर जताया गया गर्व

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नैनीताल आँचल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (लालकुआँ) में 77वाँ गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह, राष्ट्रभक्ति और गौरव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण सम्मान मिलने की घोषणा ने पूरे कार्यक्रम को और अधिक विशेष बना दिया।


संघ के प्रशासनिक भवन प्रांगण में अध्यक्ष मुकेश बोरा ने ध्वजारोहण किया, जिसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मुकेश बोरा ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने पर गहरी प्रसन्नता जताई। उन्होंने इसे उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि, आत्मगौरव और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया। बोरा ने कहा कि गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र, संविधान और सामूहिक शक्ति की विजय का प्रतीक है, जबकि कोश्यारी जी का जीवन सादगी, सिद्धांतनिष्ठा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायी मिसाल रहा है। उनका योगदान उत्तराखंड से लेकर पूरे देश के लिए मार्गदर्शक है।


उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही बताया कि संघ से जुड़ी 692 दुग्ध समितियों और 5 अवशीतन केंद्रों में भी गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।


कार्यक्रम में कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मुकेश बोरा ने घोषणा की कि वेतन वृद्धि में ₹1500 की प्रोत्साहन राशि 1 जनवरी से लागू की गई है। उन्होंने सभी से ईमानदारी, अनुशासन और पारदर्शिता के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।


सामान्य प्रबंधक अनुराग शर्मा ने गणतंत्र दिवस को स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक बताया, जबकि प्रशासन/विपणन प्रभारी संजय सिंह भाकुनी ने इसे संविधान के माध्यम से नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक पर्व बताते हुए एकता-अखंडता की रक्षा का संकल्प लेने की प्रेरणा दी। उन्होंने कार्यक्रम का संचालन भी किया।


अंत में अध्यक्ष मुकेश बोरा, अनुराग शर्मा और संजय सिंह भाकुनी ने सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में संचालक मंडल सदस्य दीपा रैकवाल, गोविन्द सिंह मेहता, वित्त प्रभारी उमेश पठालनी, पी एंड आई प्रभारी सुभाष बाबू, कारखाना प्रबंधक धर्मेंद्र राणा, अन्य प्रभारी और समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


यह उत्सव गणतंत्र दिवस की लोकतांत्रिक विजय के साथ पद्म भूषण सम्मान को उत्तराखंड का साझा गौरव बनाने वाला यादगार क्षण रहा।

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