बेशकीमती ज़मीन से सरकारी कर्मचारियों का कब्जा हटाने की तैयारी-राजस्व और बंदोबस्ती विभाग ने कब्जे का ब्योरा तैयार किया

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■ नारायण सिंह रावत सितारगंज। क्षेत्र में तीन सरकारी कर्मचारियों के सरकारी ज़मीन पर किये गए कब्जे को अब गिराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। नगर के बीचोबीच बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर तीनों ने वहां मकान भी बना लिया। जांच में यहां अवैध कब्जों की पुष्टि हुई है। बंदोबस्ती विभाग ने इसे तोड़ने के लिए एसडीएम को पत्र लिखा था। अब इस जमीन का पूरा ब्योरा तैयार किया गया है। विभाग ने अवैध कब्जे का नक्शा भी तैयार कर लिया है।

सरकारी भूमि पर कब्जे का एक और अनोखा मामला प्रकाश में आया था। तीन सरकारी कर्मचारियों ने नगर के बीचोंबीच करोड़ों की बेशकीमती सरकारी भूमि पर बकायदा पक्के भवन निर्मित कर लिए हैं। हालांकि यह कब्जा ताजा नहीं वर्षों पुराना है, लेकिन शहर के मध्य बेशकीमती जमीन पर पक्के निर्माण की ओर जिम्मेदार अधिकारियों ने लापरवाही बरती। मामला नगर के किच्छा मार्ग स्थित गन्ना सोसायटी भवन के पास पड़े खाता संख्या 274 के खेत संख्या 71/1 का है। उक्त भूमि का कुल रकबा 0.252 है जिसमे से 0.0057 हेक्टेयर जमीन पशुपालन विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है। शेष भूमि पर सेवा निवृत खंड विकास अधिकारी, सेवा निवृत लिपिक व वर्तमान में कार्यरत लिपिक ने अवैध कब्जा कर आवास बना लिए हैं।

उक्त कब्जेदारो ने आसपास में उक्त जमीन ब्लाक द्वारा उन्हें आवंटित होने की भ्रांति फैलाकर लोगों को गुमराह किया है। जबकि खण्ड विकास कार्यालय ने उक्त बयानों को खारिज़ कर दिया है। ब्लॉक के अधिकारियों का कहना है कि उक्त स्थान पर विभाग की कोई जमीन ही नही है। ना ही इस तरह का कोई आवंटन अभिलेखों में दर्ज है। इस संबंध में पूछे जाने पर बंदोबस्त के राजस्व निरीक्षक अंगद सिंह ने बताया की उक्त भूमि सरकारी है। जिसका अभिलेखों में उल्लेख है।

उक्त मामले में जांच करा कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही होगी। यदि किसी सरकारी भूखंड पर अवैध अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे मुक्त कराया जाएगा। तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी ने बताया यह मामला बंदोबस्ती विभाग से संबंधित है। वहां के तहसीलदार को पत्र लिखकर भूमि के स्वामित्व के बारे में जानकारी मांगी गई थी। जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया है। इधर, नायब तहसीलदार राजेंद्र सनवाल ने बताया कि जमीन पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई है। इसको तोड़ने की तैयारी कर ली है। किस कर्मचारी ने कितना अतिक्रमण किया है इसका ब्योरा भी एकत्र किया गया है। जल्द ही अवैध कब्जा ध्वस्त कर दिया जाएगा।

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