
लमगड़ा में पेयजल संकट: दो दिवसीय धरना, विधायक ने दिया समाधान का आश्वासन
अल्मोड़ा। लमगड़ा ब्लॉक के कई गांवों में पेयजल संकट गहराने के बाद ग्रामीणों और व्यापारियों का आक्रोश फूट पड़ा। व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश कपकोटी और भाजपा नेता बालम सिंह के नेतृत्व में व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने रामलाल मैदान में दो दिन तक धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि लोगों को बूंद-बूंद के लिए न तरसना पड़े।
धरना प्रदर्शन में लोगों ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी पहाड़ों में पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष करना विडंबना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहाड़ का पानी अन्य जगहों पर भेजा जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोग इसकी एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। “पहाड़ का पानी, पहाड़ की जवानी – पहाड़ के काम नहीं आ रही” यह कहावत अब यथार्थ बन चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि इस समस्या का समाधान जल्द किया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
गुरुवार को क्षेत्रीय विधायक मोहन सिंह महर धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर लमगड़ा बाजार की बाईपास पाइपलाइन को दुरुस्त कर वैकल्पिक जलापूर्ति शुरू की जाएगी। इसके अलावा, तीन माह के भीतर छडोजा-लमगड़ा पेयजल योजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर शासन से स्वीकृत कराई जाएगी, ताकि स्थायी समाधान हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय पर काम नहीं हुआ तो वे भी ग्रामीणों के साथ धरना प्रदर्शन में बैठेंगे।
धरना प्रदर्शन में व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश कपकोटी, भाजपा नेता व समाजसेवी बालम सिंह कपकोटी, वरिष्ठ व्यवसायी मनमोहन सिंह नगरकोटी, पुरानचंद पांडे, किशन सिंह, महिपाल सिंह, दीपक मलाडा, पंकज रौतेला, महेंद्र सिंह सिंचवाली, दीपक वर्मा, जीवन सिंह कनवाल, भुवन चंद जोशी, नरेंद्र सिंह बिष्ट, प्रकाश सिंह मेर, प्रकाश चंद्र पंत, दीवान सिंह नैनवाल, मोहन सिंह बगड़वाल, विनोद कुमार आर्य, बालेश्वर वर्मा, दीपक तिवारी, नारायण सिंह गैलाकोटी और हरि सिंह कपकोटी सहित कई ग्रामीण व व्यापारी उपस्थित रहे।
चित्र परिचय:
धरना प्रदर्शन करते व्यापार मंडल के बैनर तले पेयजल संकट के विरोध में बैठे व्यापारी व क्षेत्रवासी।

