गैरसैण बनेगा बाल साहित्य की प्रयोगशाला, 13 से 15 जून तक देशभर के लेखक करेंगे मंथन

Spread the love

राष्ट्रीय संगोष्ठी: ‘बालसाहित्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण’ विषय पर 13 से 15 जून तक गैरसैण में होगा भव्य आयोजन
भुवनेश्वरी महिला आश्रम गैरसैण में बालप्रहरी व श्री भुवनेश्वरी आश्रम गैरसैण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगी राष्ट्रीय संगोष्ठी

गैरसैण (चमोली)। बालसाहित्य को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समृद्ध करने के उद्देश्य से 13, 14 एवं 15 जून 2025 को गैरसैण स्थित भुवनेश्वरी महिला आश्रम में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन होने जा रहा है। इस तीन दिवसीय आयोजन का संयोजन बालप्रहरी एवं श्री भुवनेश्वरी आश्रम गैरसैण के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘बालसाहित्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण’ होगा। कार्यक्रम में बाल कहानी, बाल कविता, बाल कवि सम्मेलन, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, आलेख वाचन, पुस्तक लोकार्पण और सम्मान समारोह जैसी विविध साहित्यिक गतिविधियाँ जनसहयोग से संपन्न होंगी। यह आयोजन उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण में साहित्यकारों, शिक्षाविदों और बाल रचनाकारों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित होगा।

संगोष्ठी में सहभागिता के लिए पूर्व सहमति अनिवार्य
कार्यक्रम में भाग लेने वाले आमंत्रित अतिथियों के लिए 13 से 15 जून तक सामूहिक आवास और भोजन की निशुल्क व्यवस्था आयोजकों द्वारा की जाएगी। आयोजक मंडल की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पहाड़ों में तत्काल आवास की व्यवस्था करना संभव नहीं होता, अतः प्रतिभागियों से पूर्व में सहमति पत्र/मेल के माध्यम से पुष्टि देने की अपील की गई है। यदि कोई प्रतिभागी अपने साथ अन्य साथियों या परिवार के सदस्यों को लाना चाहता है, तो उनके लिए आवास की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। आयोजक आवश्यकता अनुसार रियायती दर पर होटल संपर्क प्रदान कर सकते हैं।

पंजीकरण और सदस्यता अनिवार्य
संगोष्ठी में सहभागिता के इच्छुक प्रतिभागियों को ₹300 पंजीकरण शुल्क तथा बालप्रहरी की सदस्यता लेना अनिवार्य है। सदस्यता शुल्क इस प्रकार है – संरक्षक सदस्यता ₹6000, आजीवन सदस्यता ₹2500 तथा तीन वर्षीय सदस्यता ₹400। सहमति देने वाले प्रतिभागियों को शीघ्र ही खाता विवरण भेजा जाएगा।

बालसाहित्य विशेषांक हेतु आमंत्रण
इस अवसर पर ज्ञान-विज्ञान बुलेटिन का बालसाहित्य विशेषांक भी प्रकाशित किया जाएगा, जिसके लिए बालसाहित्य आधारित मौलिक आलेखों व शुभकामना विज्ञापनों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन में आर्थिक सहयोगियों और शुभचिंतकों की भागीदारी भी अपेक्षित है।

यात्रा मार्ग व पहुँच सुविधा
गैरसैण पहुँचने हेतु नजदीकी रेलवे स्टेशन रामनगर, काठगोदाम व हल्द्वानी हैं, जहाँ से बस व शेयर टैक्सी की सुविधा आसानी से उपलब्ध है। दिल्ली, मुंबई, जयपुर, लखनऊ, कोलकाता व गोरखपुर जैसे महानगरों से इन स्टेशनों तक सीधी रेल सेवा उपलब्ध है। साथ ही दिल्ली, हरिद्वार, देहरादून से गैरसैण के लिए सीधी बस सेवाएं भी संचालित होती हैं।

संपर्क सूत्र
अधिक जानकारी के लिए बालप्रहरी के संपादक व बालसाहित्य संस्थान के सचिव श्री उदय किरौला से संपर्क किया जा सकता है –
मोबाइल: 9412162950
पता: दरबारीनगर, अल्मोड़ा, उत्तराखंड

यह आयोजन न केवल बाल साहित्य को एक नई दिशा देगा, बल्कि पहाड़ी क्षेत्र में हो रहे राष्ट्रीय स्तरीय प्रयासों की सार्थकता को भी दर्शाएगा।


Related Posts

बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने का मामला, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग सख्त, नैनीताल जिलाधिकारी से 15 दिनों में मांगी विस्तृत रिपोर्ट

Spread the love

Spread the loveबिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने का मामला, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग सख्त, नैनीताल जिलाधिकारी से 15 दिनों में मांगी विस्तृत रिपोर्ट। ​लालकुआं ।बिंदुखत्ता क्षेत्र को वन अधिकार…

बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की मांग ने पकड़ा जोर, वन अधिकार संगठन का तहसील में 5 अक्टूबर से प्रदर्शन जारी, कांग्रेस व इंडिया गठबंधन ने दी विधानसभा घेराव की चेतावनी

Spread the love

Spread the love ​लालकुआं । बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। लालकुआं तहसील परिसर में वन अधिकार संगठन…

Leave a Reply