ब्रेकिंग न्यूज़: उत्तराखंड कांग्रेस में बड़ा फेरबदल तय, करन माहरा की विदाई की तैयारी — दिल्ली में चल रहा हाईलेवल मंथन, 2027 से पहले कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी खींचतान

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ब्रेकिंग न्यूज़: उत्तराखंड कांग्रेस में बड़ा फेरबदल तय, करन माहरा की विदाई की तैयारी — दिल्ली में चल रहा हाईलेवल मंथन, 2027 से पहले कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी खींचतान

उत्तराखंड कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की पटकथा लगभग तैयार हो चुकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा की विदाई को हरी झंडी दे दी है। दिल्ली में इस वक्त कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक जारी है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विधायक काजी निजामुद्दीन और वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह सहित सात से आठ बड़े नेता शामिल हैं। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस प्रभारी कर रहे हैं।

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से भी रायशुमारी की जा रही है। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व कोई बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। फिलहाल दो नाम सबसे आगे हैं — भुवन कापड़ी और गणेश गोदियाल। हालांकि करन माहरा भी दौड़ में शामिल हैं, लेकिन संगठनात्मक बदलाव तय माना जा रहा है।

भाजपा का बढ़ता कुनबा और कांग्रेस की अंदरूनी कलह

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी लगातार यह दावा कर रही है कि कांग्रेस के कई विधायक और वरिष्ठ नेता उनके संपर्क में हैं, जो 2027 से पहले पार्टी जॉइन कर सकते हैं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले कांग्रेस के एक विधायक समेत कई पूर्व मंत्री और विधायक भाजपा का दामन थाम चुके हैं। ऐसे में भाजपा का कुनबा लगातार बढ़ रहा है, जबकि कांग्रेस अंदरूनी खींचतान से जूझ रही है।

कांग्रेस के कई दिग्गज नेता एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाज़ी कर रहे हैं। प्रदेश के भीतर पार्टी एकजुटता की जगह आपसी आरोप-प्रत्यारोप की शिकार बनती नजर आ रही है। हाल ही में दिल्ली में बुलाई गई केंद्रीय बैठक में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 2027 की तैयारी को लेकर सख्त संदेश दिए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर पार्टी की तस्वीर उलट नजर आ रही है।

क्या कांग्रेस नेतृत्व दिखाएगा कठोर निर्णय?

प्रदेश में भाजपा जहां मिशन 2027 को लेकर बूथ स्तर तक सक्रिय है, वहीं कांग्रेस अपने ही नेताओं के बीच सामंजस्य नहीं बिठा पा रही है। ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व कोई बड़ा और कड़ा फैसला ले सकता है ताकि कांग्रेस को अंदर से मजबूत किया जा सके। फिलहाल दिल्ली में चल रही बैठक के बाद बड़ा ऐलान कभी भी हो सकता है — उत्तराखंड कांग्रेस में नई लीडरशिप का आगाज़ बेहद करीब है।

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