ऋषिकुल आयुर्वेद महाविद्यालय में डॉ. आशुतोष पन्त के नेतृत्व में 100 पौधों का वृक्षारोपण

Spread the love


ऋषिकुल आयुर्वेद महाविद्यालय में वृक्षारोपण की पहल, छात्रों को दी गई पौधों की जिम्मेदारी

हरिद्वार, 28 जुलाई 2025 — हरिद्वार स्थित ऋषिकुल आयुर्वेद महाविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए औषधीय व फलदार पौधों का वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के कैंपस डायरेक्टर डॉ. डी.सी. सिंह, डॉ. संजय त्रिपाठी, डॉ. खेम चंद शर्मा, डॉ. के.के. शर्मा, योगेश पांडे तथा पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी एवं पर्यावरणविद डॉ. आशुतोष पन्त (हल्द्वानी) की गरिमामयी उपस्थिति में कॉलेज परिसर में पौधे रोपे गए।

डॉ. आशुतोष पन्त ने बताया कि उन्होंने परिसर निदेशक से अनुरोध किया है कि प्रत्येक छात्र एक-एक पौधा लगाकर उसकी देखरेख की जिम्मेदारी ले। उन्होंने कहा, “यदि छात्र एक-एक पौधा गोद लें और उसे तीन वर्षों तक पालने का संकल्प लें, तो वृक्षारोपण की सफलता सुनिश्चित हो सकती है। छात्र चाहें तो अपने लगाए पौधों पर अपने नाम की तख्ती लगाकर उनसे आजीवन जुड़ाव बनाए रख सकते हैं।”

इस पुनीत कार्य के अंतर्गत डॉ. आशुतोष पन्त द्वारा महाविद्यालय को 100 पौधे उपलब्ध कराए गए, जिसके लिए उन्होंने कैंपस डायरेक्टर डॉ. डी.सी. सिंह का आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय की फार्मेसी में कार्यरत डॉ. अवनीश उपाध्याय और डॉ. पंकज चौहान ने आश्वासन दिया कि वे शेष पौधों को भी छात्रों की सहभागिता से रोपित कराकर उनकी देखभाल सुनिश्चित करेंगे।

डॉ. पन्त ने प्रदेश के अन्य शिक्षण संस्थानों से भी अपील की कि वे वृक्षारोपण को केवल एक औपचारिकता न मानकर दीर्घकालिक जिम्मेदारी समझें। उन्होंने कहा, “यदि कोई अन्य कॉलेज या संस्था जिम्मेदारीपूर्वक वृक्षारोपण करना चाहे, तो मैं पौधों की निःशुल्क व्यवस्था कराने को तत्पर हूँ।”

इच्छुक संस्थाएं इस अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं।


Related Posts

बिंदुखत्ता वन अधिकार समिति ने शासन की कार्रवाई पर जताई गंभीर आपत्ति, राज्य निगरानी समिति से जांच में शामिल करने की मांग

Spread the love

Spread the love वन अधिकार अधिनियम के तहत बिंदुखत्ता फाइल लंबित: समिति ने राज्य निगरानी समिति से जांच में शामिल करने की अपील की लालकुआं। बिंदुखत्ता वन अधिकार समिति ने…

बिंदुखत्ता मामले की दिल्ली में सुनवाई, आयोग ने दी कानूनी स्पष्टीकरण

Spread the love

Spread the loveनई दिल्ली।नई दिल्ली में सोमवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में बिंदुखत्ता से संबंधित मामले की सुनवाई हुई। यह मामला प्रभु गोस्वामी द्वारा दायर उस प्रार्थना पत्र से…

Leave a Reply