उत्तराखंड PWD में पदों का पुनर्गठन, कई पद अब भी खाली । “रिक्त पदों ने खोल दी विभागीय लापरवाही की पोल”

Spread the love


उत्तराखंड PWD में पदों का पुनर्गठन, कई पद अब भी खाली

देहरादून। उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग (PWD) में अभियंताओं के पदों की संख्या में बड़ा बदलाव किया गया है। विभाग ने प्रशासनिक दक्षता और कार्यप्रणाली में सुधार के लिए पदों का पुनर्गठन किया है, लेकिन इसके बावजूद कई पद अब भी खाली पड़े हुए हैं। यह जानकारी हाल ही में दायर एक आरटीआई के जवाब से सामने आई है।

पुनर्गठन में कटौती
30 जनवरी 2023 को जारी विभागीय पत्र के अनुसार, अधिशासी अभियंता (वेतन लेवल-11) के पद 129 से घटाकर 96 कर दिए गए हैं। इसी तरह सहायक अभियंता (वेतन लेवल-11) के पद 464 से घटाकर 400 कर दिए गए हैं। इसके अलावा अधिशासी अभियंता (वेतन लेवल-13) में 3 और सहायक अभियंता (वेतन लेवल-13) में 4 पदों की कमी की गई है। विभाग का कहना है कि यह कदम मानव संसाधन के बेहतर उपयोग के लिए उठाया गया है।

RTI में खुलासा: कई पद खाली
हेमंत सिंह गोनिया द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में विभाग ने बताया है कि अधिशासी अभियंता (सिविल) के 91 स्वीकृत पदों में से 5 पद रिक्त हैं। वहीं सहायक अभियंता (सिविल) के 313 स्वीकृत पदों में से 87 पद खाली हैं। अधिशासी अभियंता (वि०/यां०) और सहायक अभियंता (वि०/यां०) के पदों पर कोई रिक्ति नहीं है।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन पदों को आउटसोर्सिंग के लिए स्वीकृत नहीं किया गया है और इन्हें पदोन्नति या सीधी भर्ती के जरिए भरा जाएगा।

सरकार के लिए चुनौती
पुनर्गठन के बाद भी बड़ी संख्या में पद खाली होने से विभाग की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। निर्माण और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए रिक्त पदों को शीघ्र भरना राज्य सरकार के लिए अहम चुनौती बना हुआ है।


Related Posts

दीपेंद्र कोश्यारी के नेतृत्व में शिष्टमंडल की CM से मुलाकात, DM को त्वरित निर्देश

Spread the love

Spread the loveमुख्यमंत्री ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने का दिया आश्वासन, जिलाधिकारी को त्वरित कार्यवाही के निर्देश हल्द्वानी। बिंदुखत्ता को वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत राजस्व गांव का…

किसान महासभा ने बजट को खेती-गाँव-पर्यावरण विरोधी बताया, 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान

Spread the love

Spread the loveकिसान नेताओं ने कहा: “बजट से पहले ही अंतरराष्ट्रीय समझौते खेती पर हमले की तैयारी थे, इसलिए कोई उम्मीद नहीं थी” नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026: अखिल भारतीय…

Leave a Reply