रसायन-मुक्त दूध की मिसाल बने मुकेश बोरा! केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने दिया विशेष सम्मान

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मुकेश बोरा को ‘केमिकल फ्री मिल्क अवार्ड’: नैनीताल दुग्ध संघ की शानदार उपलब्धि, किसानों की मेहनत का सम्मान


नैनीताल/लालकुआँ, 17 जनवरी 2026: सरोवर नगरी नैनीताल की हसीन वादियों में एक खास शाम, जहां दूध की शुद्धता और किसानों की मेहनत को सलाम किया गया। नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष मुकेश बोरा को ‘केमिकल फ्री मिल्क अवार्ड’ से नवाजा गया है। यह सम्मान न सिर्फ उनकी नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है, बल्कि उन हजारों पशुपालकों और किसानों की कड़ी मेहनत का भी जश्न है, जो रसायन-मुक्त दूध उपलब्ध कराकर समाज को स्वस्थ जीवन दे रहे हैं।


यह गौरवपूर्ण पल रॉयल होटल में आयोजित एक भव्य समारोह में हुआ, जहां कुमाऊँ काउंसिल देवभूमि विकास और न्यूज़ 18 टीवी चैनल ने इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। सम्मान प्रदान करने वाले थे अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ के सांसद और केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा, साथ ही न्यूज़ 18 उत्तराखंड के ब्यूरो चीफ संदीप चौधरी। समारोह में दूध उत्पादन से जुड़े विशेषज्ञों, किसानों और अधिकारियों की मौजूदगी ने इसे और भी यादगार बना दिया।


मुकेश बोरा, जो नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष हैं, ने इस अवार्ड को संघ से जुड़े हर सदस्य की सामूहिक जीत बताया। सम्मान ग्रहण करते हुए उन्होंने भावुक होकर कहा, “यह उपलब्धि नैनीताल दुग्ध संघ से जुड़े सभी दुग्ध उत्पादकों, किसानों और पशुपालकों के सहयोग और कड़ी मेहनत के बिना संभव नहीं थी। हमारा मुख्य उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करते हुए उपभोक्ताओं को शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण और रसायन-मुक्त दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में भविष्य में भी हमारे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।”


नैनीताल दुग्ध संघ उत्तराखंड के दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में एक प्रमुख नाम है, जो ‘आँचल’ ब्रांड के तहत केमिकल-फ्री दूध और दुग्ध उत्पादों को बाजार में लाता है। संघ के प्रयासों से न सिर्फ किसानों की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उपभोक्ताओं को स्वास्थ्यवर्धक विकल्प भी मिले हैं। संघ के सामान्य प्रबंधक अनुराग शर्मा, प्रशासन/विपणन प्रभारी संजय सिंह भाकुनी, पी.एंड.आई. सुभाष बाबू और अवशीतन केंद्र कालाढूंगी की प्रभारी शांति कोरंगा समेत कई अधिकारी और कर्मचारी इस समारोह में उपस्थित थे, जो संघ की टीम वर्क की मिसाल है।


यह अवार्ड उत्तराखंड के कृषि और डेयरी सेक्टर के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। ऐसे समय में जब बाजार में मिलावटी उत्पादों की भरमार है, मुकेश बोरा जैसे नेतृत्वकर्ता शुद्धता की मिसाल पेश कर रहे हैं। उम्मीद है कि यह सम्मान और अधिक किसानों को रसायन-मुक्त खेती और पशुपालन की ओर प्रोत्साहित करेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य दोनों मजबूत होंगे।

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