रसायन विज्ञान विभाग ने विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया
रुद्रपुर। सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुद्रपुर के रसायन विज्ञान विभाग परिषद ने छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न शैक्षिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अभिव्यक्ति क्षमता तथा सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता (विषय – इंटरनेट एवं सोशल मीडिया का छात्र-छात्राओं पर प्रभाव), चार्ट प्रतियोगिता (एवरीडे लाइफ केमिस्ट्री), छात्र-छात्रा व्याख्यान (विज्ञान), निबंध लेखन (नई शिक्षा नीति 2020 द्वारा छात्र-छात्राओं का विकास) तथा वाद-विवाद प्रतियोगिता (क्या रोबोट और एआई इंसान की जगह ले लेंगे?) आयोजित की गईं। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने महाविद्यालय परिसर एवं मैदान में स्वच्छता कार्य किया।
मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ए. एन. सिंह ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं। रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. पी. पी. त्रिपाठी ने आयोजन की सराहना करते हुए युवाओं से इंटरनेट और सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. दीपक दुर्गापाल ने विद्यार्थियों को भविष्य में भी ज्ञानवर्धक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए गए। चार्ट प्रतियोगिता में अंशु कुमारी प्रथम, बबीता द्वितीय तथा आजाद पाल तृतीय रहे। छात्र-छात्रा व्याख्यान प्रतियोगिता में तनीषा चावला प्रथम, सम्पदा श्रीवास्तव द्वितीय तथा अंशिका गंगवार तृतीय रहीं। भाषण प्रतियोगिता में सम्पदा श्रीवास्तव प्रथम, तनीषा चावला द्वितीय तथा लवप्रीत तृतीय स्थान पर रहे। प्रतियोगिताओं के निर्णायक डॉ. शलभ गुप्ता, डॉ. अंकिता चन्दोला, डॉ. हेम चन्द्र पाण्डे एवं डॉ. गायत्री काण्डपाल रहे। इस अवसर पर डॉ. अनूप सिंह, डॉ. बी. पी. सिन्हा, श्रीमती नीलम जोशी एवं श्री जनार्दन कांडपाल सहित अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर प्राचार्य प्रो. अवधेश नारायण सिंह, विभागाध्यक्ष डॉ. पी. पी. त्रिपाठी एवं संयोजक डॉ. दीपक दुर्गापाल द्वारा विजयी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।


