“नेता आए और वादे गए, गैलाकोट–बलसुना के लोग आज भी पानी और सड़क को तरसे”

Spread the love

गैलाकोट–बलसुना के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से लगाई गुहार, बोले– पानी दो या आंदोलन होगा

अल्मोड़ा जनपद के भनोली एवं लमगड़ा विकासखंड अंतर्गत स्थित गैलाकोट और बलसुना गांव के ग्रामीण वर्षों से पेयजल संकट और जर्जर सड़क जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन मुद्दों को लेकर ग्रामीणों ने समाजसेवी बसंत बल्लभ पांडे के नेतृत्व में जिलाधिकारी से भेंट की और दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित समाधान की मांग की।

ग्रामीणों ने कहा कि जहां एक ओर देशभर में “हर घर नल – हर घर जल” योजना चलाई जा रही है, वहीं बलसुना गांव, जो कि एक स्वतंत्रता सेनानी का गांव है, आज भी पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। महिलाओं और बच्चों को आज भी पीने का पानी लाने के लिए मीलों दूर जाना पड़ता है। इस कारण न केवल जनजीवन प्रभावित हुआ है, बल्कि कई परिवारों को मजबूरी में पलायन भी करना पड़ा है।

दूसरी ओर, गैलाकोट से बमनस्वान (गुरणाबांज) तक जाने वाला संपर्क मार्ग वर्षों से जर्जर हालत में है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग पर गहरे गड्ढे, टूटी सतह और बरसात में कीचड़ के कारण राहगीरों एवं वाहनों के लिए यह मार्ग जानलेवा बन चुका है। जुलाई 2024 में इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज की गई थी। इसके पश्चात लोक निर्माण विभाग द्वारा ₹403.46 लाख की लागत से मार्ग के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया, लेकिन आज तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है।

ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में इस मार्ग पर एक शव वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में जा गिरा था, जिसमें तीन लोगों की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। इसके बावजूद शासन-प्रशासन की उदासीनता बनी हुई है।

नेतृत्व और बैठक की जानकारी:
समाजसेवी बसंत बल्लभ पांडे के नेतृत्व में ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला, जिसमें पान सिंह बिष्ट (बन पंचायत के सरपंच और बलसुना–गैलाकोट वन अधिकार समिति के अध्यक्ष) और गजेंद्र सिंह बिष्ट (समिति के सचिव) भी शामिल थे। इस दौरान जिलाधिकारी ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र विभागीय बैठक बुलाकर समाधान का आश्वासन दिया।

लोक निर्माण विभाग की स्थिति:
प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, अल्मोड़ा के अधिशासी अभियंता हर्षित गुप्ता ने बताया कि सड़क के लिए शासन को जो प्रस्ताव भेजा गया था, उसमें कुछ तकनीकी आपत्तियां आई थीं, जिन्हें शीघ्र निराकृत कर वित्तीय स्वीकृति प्राप्त की जाएगी और टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

ग्रामीणों की मुख्य मांगें:

गैलाकोट–बलसुना को पेयजल पंपिंग योजना में शीघ्र जोड़ा जाए।

लमगड़ा–गैलाकोट–बमनस्वान मार्ग के पुनर्निर्माण हेतु शासन से तत्काल स्वीकृति दिलाई जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन के लिए विवश होंगे।

फोटो विवरण:

समाजसेवी बसंत बल्लभ पांडे के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए पान सिंह बिष्ट और गजेंद्र सिंह बिष्ट।

साथ में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हर्षित गुप्ता।

Related Posts

खुटानी-पहाड़पानी स्टेट हाईवे बना ‘गड्ढों का अजायबघर’, 9 करोड़ के टेंडर के बाद भी हालत बेहाल।

Spread the love

Spread the love कैबिनेट मंत्री के क्षेत्र की मुख्य सड़क पर भारी गड्ढे, जनता परेशान, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने दिया धरना का अल्टीमेटम हल्द्वानी/ भवाली। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में…

क्या आपके हस्ताक्षर बता सकते हैं आपके मन के राज?जीएमसी हल्द्वानी के युवा डॉक्टर का अनोखा शोध बना चर्चा का विषय

Spread the love

Spread the love हस्ताक्षर, व्यक्तित्व और मनोविज्ञान के संबंध पर कार्य कर रहे हैं डॉ. सौरभ प्रकाश सिंह; 5000 से अधिक लोगों के हस्ताक्षरों का अध्ययन, 1100+ प्रतिभागियों पर विस्तृत…

Leave a Reply