समाजसेवी हेमंत गोनिया की लड़ाई रंग लाई: तीन साल से बिस्तर पर पड़े गरीब हेम का VIP इलाज शुरू

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नैनीताल जनपद के रामगढ़ क्षेत्र के एक गरीब व्यक्ति हेम चन्द्र पांडे के संघर्ष ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को चुनौती दे दी। पिछले लगभग तीन वर्षों से पैरालिसिस और एक दुर्घटना के बाद वह बिस्तर पर पड़े थे। उनकी पत्नी की मासिक आय मात्र ₹6,000 थी, जिससे परिवार का गुजर-बसर मुश्किल हो गया था। उनका कोई अपना — यहाँ तक कि भाई और माता तक — उनकी सुध लेने को तैयार नहीं थे। ऐसे में समाजसेवी हेमंत सिंह गोनिया ने इस मामले को अपनी जिम्मेदारी लेते हुए उठाया और एक लंबी कानूनी एवं प्रशासनिक लड़ाई लड़ी।

गोनिया ने सबसे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी नैनीताल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग सहित कई अधिकारियों को शिकायत भेजी। इसके बाद CM हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, जिससे मामला आधिकारिक तौर पर दर्ज हो गया। लेकिन जब अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को जनहित प्रार्थना पत्र भेजा। इस पत्र पर हाईकोर्ट ने तुरंत संज्ञान लेते हुए इसे स्वास्थ्य विभाग को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दिया और मरीज का इलाज कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने पूरा प्रकरण जिलाधिकारी नैनीताल को प्रेषित किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल ने तत्काल सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी को मरीज का उपचार शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही, 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से मरीज को अस्पताल लाने-ले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इस बीच, नैनीताल-उधमसिंह नगर से सांसद अजय भट्ट ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए AIIMS ऋषिकेश में भर्ती कराने के लिए पत्र लिखकर तत्काल उपचार की सिफारिश की, जिससे इस मामले को और मजबूती मिली।

वर्तमान में पिछले दो दिनों से सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की एक पूरी टीम मरीज की सभी आवश्यक जाँचें कर रही है। अस्पताल प्रशासन द्वारा VIP स्तर पर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, यदि उपचार यहीं संभव हुआ तो यहीं किया जाएगा, अन्यथा मरीज को AIIMS ऋषिकेश जैसे उच्च संस्थान में रेफर किया जाएगा।

समाजसेवी हेमंत गोनिया ने केवल शिकायत और कानूनी लड़ाई ही नहीं लड़ी, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म — फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर और इंस्टाग्राम — के माध्यम से जनसहयोग जुटाकर लगभग ₹40,000 की धनराशि हेम चन्द्र पांडे के खाते में एकत्र कराई। वे लगातार उनके इलाज एवं परिवार के भरण-पोषण में सहयोग जुटा रहे हैं। RTI के माध्यम से भी मामले को उठाया गया, जिससे मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग सूचना उपलब्ध कराने और कार्रवाई करने को बाध्य हुए।

इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि लगातार प्रयास, सही मंच पर शिकायत और न्यायालय की निगरानी से प्रशासन को मजबूर होकर कार्रवाई करनी पड़ी। आज हेम चन्द्र पांडे का इलाज जारी है, और एक गरीब परिवार को नई उम्मीद मिली है। सहयोग हेतु संपर्क करें: समाजसेवी हेमंत गोनिया – 9897213226। इस संदेश को अधिक से अधिक साझा करें। यही सच्ची मानवता है।

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